चिकित्सा विज्ञान के साथ स्वास्थ्य साधना को भी मजबूत कर रहा एम्स

Subodh Bhatt
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Highlights
  • एम्स में आयोजित हुआ कार्यक्रम, राज्यपाल ने किया संबोधित
  • अंगदाताओं के परिजनों को किया सम्मानित

AIIMS Health Wellness Integration

राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत) गुरमीत सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश आस्था, विश्वास और जीवन रक्षा का केन्द्र है। एम्स ने राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसान की है और यह संस्थान चिकित्सा सेवा के माध्यम से केवल चिकित्सा विज्ञान ही नहीं अपितु स्वास्थ्य के क्षेत्र में साधना को भी मजबूत कर रहा है।

राज्यपाल मंगलवार को एम्स, ऋषिकेश के मुख्य सभागार में आयोजित ’ट्रांसफोर्मिंग लाइव्स थ्रो एडवांस ट्रॉमा केयर, आर्गन डोनेशन एण्ड नर्सिंग एक्सलेंस’ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश ने स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में मिसाल कायम कर नए मानक स्थापित किए हैं। खासतौर से उन्होंने हेली मेडिकल इमरजेन्सी सर्विस और संस्थान की ट्रॉमा मेडिकल सेवाओं को राज्य के लिए वरदान बताया।

राज्यपाल ने कहा कि बुझते चिराग को फिर से प्रकाशमय करने की शक्ति केवल चिकित्सकों में ही होती है। ऐसे में हमें संकल्प लेने की आवश्यकता है, कि कोई भी व्यक्ति चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे। नर्सिंग पेशे को सर्वोच्च सम्मानित पेशा बताते हुए उन्होंने इसे मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम बताया। कहा कि नर्स में ममत्व की भावना होती है और वह भावनात्मक रूप से प्रत्येक रोगी की स्वास्थ्य देखभाल करना अपना पहला कर्तव्य समझती है।

राज्यपाल ने एम्स की हेलीबोर्न एम्बुलेंस, टेलिमेडिसिन और ड्रोन मेडिकल सेवा का जिक्र करते हुए संस्थान के ट्रॉमा मैनेजमेन्ट और हेल्थ मैनेजमेन्ट को अग्रणी बताया। साथ ही उन्होंने एम्स के ट्रॉमा विभाग को संकटमोचक विभाग की भी संज्ञा दी।

इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने जर्नी ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट, ट्रॉमा टेलिमेडिसिन, नर्सिंग प्रोफेशनल सहित संस्थान की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा अभी तक 23 किडनी ट्रांसप्लांट और एक लीवर ट्रांसप्लांट सफलता पूर्वक किया जा चुका है। बताया कि चारधाम यात्रियों की स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए चिकित्सकों को विशेष तौर से प्रशिक्षित किया गया है।

कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि मिलिट्री नर्सिंग सेवा से रिटायर्ड कर्नल बीनू शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, ट्रॉमा विभाग के हेड प्रो. कमर आजम, संस्थान में हेली इमरजेन्सी मेडिकल सेवा के नोडल ऑफिसर और ट्रॉमा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल, डीन एक्जाम प्रो. बी.के बस्तिया आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान संस्थान के उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा, डीन रिसर्च प्रो. शैलेन्द्र हाण्डू, विभिन्न विभागाध्यक्ष, फेकल्टी सदस्य, ऑर्गन ट्रांसप्लांट कमेटी के सदस्य, मुख्य नर्सिंग अधिकारी अनिता रानी कंसल व संस्थान के नर्सिंग स्टाफ सहित महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, ऋषिकेश मेयर शम्भू पासवान, स्वामी आनन्द जी महाराज, माधव सेवा विश्राम सदन व रोटरी क्लब के सदस्यों सहित कई अन्य मौजद रहे।

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